इस प्रयास में पूजा सामग्री रखें देवी मां की पूजा में स्तुति सामग्री को स्तुति के स्थान के आग्नेय कोण के अंदर ही रखना चाहिए।

देवी मां को लाल रंग अत्यंत प्रिय है। लाल रंग को वास्तु में शक्ति और वीरता का प्रतीक माना जाता है,

इसलिए जब भी संभव हो, माँ को जो कपड़े, श्रंगार की वस्तुएँ और फूल चाहिए, वे वास्तव में लाल रंग के होने चाहिए।

पूजा कक्ष के द्वार पर हल्दी, सिंदूर या रोली से दोनों किनारों पर स्वस्तिक बनाने पर ध्यान देने से आमतौर पर आपके घर में नकारात्मक शक्तियां प्रवेश नहीं करती हैं।

अष्टमी-नवमी तिथि पर व्रत का महत्व छब्बीस सितंबर से शुरू हो रहे शारदीय नवरात्रि का आज आठवां दिन हो सकता है।

आज लगभग आठवें दिन महाष्टमी का पर्व मनाया जाएगा. देवी की स्तुति के लिए अष्टमी के दिन का विशेष महत्व है।

इस दिन स्तुति, उपवास और जप का विशेष महत्व है। अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इसके अलावा नवमी तिथि को व्रत भी रखा जाता है।

दुर्गा सप्तशती के पाठ की आवश्यकता नवरात्रि पर मां दुर्गा की उस स्तुति और पूजा के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना वास्तव में बहुत शुभ माना जाता है।

यह वास्तव में माना जाता है कि दुर्गा सप्तशती के पाठ से मां दुर्गा जल्द ही प्रसन्न होती हैं और कई मनोकामनाएं पूरी होती हैं।